सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की अहम खबरें — आसान भाषा में।
केरल के एक पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी ने केंद्र सरकार के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें वंदे मातरम के छह छंदों वाले संस्करण को अनिवार्य किया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि पारंपरिक दो छंदों की जगह पूरे साहित्यिक संस्करण को लागू करना एक विशेष धार्मिक उपासना को थोपने जैसा है और यह मौलिक संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। याचिका में कहा गया है कि यह कदम राष्ट्रीय धर्मनिरपेक्षता, बंधुत्व और अंतरात्मा की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कमजोर करता है।
आगे पढ़ें →यह लेख पुलिस अधिकारियों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियां सौंपने की व्यवस्था पर प्रकाश डालता है, खासकर निवारक कार्रवाइयों के संदर्भ में। इसमें अदालतों द्वारा शक्…
आगे पढ़ें →भारत के सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से शिक्षक भर्ती में रिक्तियों को सिर्फ पुरुष और महिला श्रेणियों में बांटने के कानूनी आधार पर सवाल उठाए हैं। ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों…
आगे पढ़ें →वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भारत के सुप्रीम कोर्ट की स्वतंत्रता पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर नियंत्रण की कोशिशों के बावजूद न्यायपालिका निष्पक्ष …
आगे पढ़ें →सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि इंटरनेट का उपयोग करना संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है। अदालत न…
आगे पढ़ें →हाल ही में सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। यह याचिका विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई इस बंदी की…
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